Archive for July, 2017

lazy-day-fun

रुक जा हैं क्या हड़बड़ी,
जल्दी हैं क्या उमर हैं पड़ी,
आ बैठ ले घड़ी दो घड़ी,
तेज़ चलके क्या जीत लेंगे|

चुस्की सा ज़िन्दगी को पी,
यह चाय है गरम बड़ी,
आ बैठ ले घड़ी दो घड़ी,
तेज़ चलके क्या जीत लेंगे|

तेरी साँसे फ़ूल रही हैं,
फुर्सतों में हांफ भी ले,
कितना तूने पा के खोया,
फुर्सतों में नाप भी लें,
फुर्सते हसरतें,
हसरतें फुर्सते||

रुक जा हैं क्या हड़बड़ी,
जल्दी हैं क्या उमर हैं पड़ी,
आ बैठ ले घड़ी दो घड़ी,
तेज़ चलके क्या जीत लेंगे|

Cover Image via Tadst

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Life wheel-attitude

सख्तियां बरत ज़रा सी,
इश्क़ बिगड़ने लगा हैं,
मखमली बातें ना कर जब,
इश्क़ लड़ने लगा हैं|

तेरे दर्द से जब बने,
किसी की मुस्कुराहटें,
किस हक़ से वो पाए भला,
तेरी रहमतें तेरी चाहतें,
ये जान ले वो दर्द हैं,
और तू खुद ही का मर्ज़ हैं,
ना बन किसी का इतना भी,
कि तू खुद का ना रहे|

सख्तियां बरत ज़रा सी,
इश्क़ बिगड़ने लगा हैं,
मखमली बातें ना कर जब,
इश्क़ लड़ने लगा हैं|